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उपलब्धियां

वर्ष 1957 में देश के पहले विकास प्राधिकरण के रूप में गठित, अनुसरण के लिए जिसका कोई रोल मॉडल नहीं था, पिछले साढ़े चार दशकों में दि.वि.प्रा. ने अपनी विकास यात्रा में गौरवपूर्ण मील के पत्थर स्थापित किए और उपलब्धियां हांसिल की हैं।

  • दिल्ली के सुनियोजित विस्तार और विकास के लिए दि.वि.प्रा. ने वर्ष 1962 में पहली मुख्य योजना तैयार की।
  • दि.वि.प्रा ने पहली मुख्य योजना को व्यापक रूप से संशोधित किया और वर्ष 2001 तक के परिप्रेक्ष्य के साथ सन् 1990 में एक व्यापक मुख्य योजना को अपनाया गया।
  • दिल्ली मुख्य योजना 2021 का ड्राफ्ट अंतिम रूप से तैयार कर लिया गया है और जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने के लिए भूमि उपयोग योजना के साथ-साथ भारत के राजपत्र में अधिसूचना के प्रकाशन के लिए प्राधिकरण और केंद्र सरकार द्वारा इसे अनुमोदित कर दिया गया है।
  • इस प्रकार से प्राप्त होने वाली आपत्तियों/सुझावों का अध्ययन और विश्लेषण किया जाएगा, यदि व्यवहार्य होगा, तो फाइनल दिल्ली मुख्य योजना 2021 में उन्हें शामिल किया जाएगा।
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  • दि.वि.प्रा. ने 69907.50 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है और आवासीय, मनोरंजनात्मक, औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उद्देश्यों के लिए इसका विकास किया है।
  • दिल्ली की आधी से अधिक आबादी के लिए आश्रय सुनिश्चित करने के लिए दि.वि.प्रा. ने 10.65 लाख से अधिक आवासीय इकाइयों का निर्माण किया है, अथवा इनके निर्माण की सुविधा प्रदान की है।
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  • दि.वि.प्रा. ने एक शूटिंग रेंज, अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले एक स्टेडियम और 853 आवासीय इकाइयों वाले एकीकृत एशियाई खेल गांव के साथ नौवें एशियाई खेलों के लिए योजना बनाई और इसका बुनियादी ढांचा तैयार किया।
  • दि.वि.प्रा. ने दिल्ली शहर को आधुनिक, सुव्यवस्थित शॉपिंग-ऑफिस कॉम्प्लेक्सदिए हैं जो पूरी दिल्ली में 9 जिला केंद्रों, 36 वाणिज्यिक केंद्रों, 134 स्थानीय शॉपिंग सेंटर और 440 सुविधाजनक शॉपिंग सेंटरों में बनाए गए हैं।
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  • दि.वि.प्रा. ने 12000 इकाइयों वाले 22 औद्योगिक एस्टेट विकसित किए हैं। प्राधिकरण ने हजारों संस्थानिक भूखंड भी आवंटित किए हैं।
  • दि.वि.प्रा. द्वारा नियोजित और विकसित किए गए जिला केंद्र, सामुदायिक केंद्र, स्थानीय शॉपिंग सेंटर और अन्य वाणिज्यिक क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों के केंद्र हैं, जो पूरे शहर में धन पैदा करने के अवसर उपलब्ध करते हैं और रोजगार सृजन में सहायक हैं।
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  • बढ़ते यातायात को सुव्यवस्थित करने के लिए, दि.वि.प्रा. ने युक्तिसंगत फ्लाई-ओवरों सहित योजनाबद्ध बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है। इसके सुखद परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
  • दि.वि.प्रा. ने 50 साल से अधिक पुरानी उन इमारतों, जो अभी भी उपयोग में हैं और स्मारकों के रूप में सूचीबद्ध नहीं हैं, के रखरखाव और अनुरक्षण के लिए अर्बन हेरिटेज अवॉर्ड की शुरूआत की है । इससे दिल्ली की अब तक की विरासत के बारे में जागरूकता पैदा हुई है और विरासत स्थलों के उचित रखरखाव के लिए लोग प्रोत्साहित हुए हैं।
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  • अब तक 5100 हेक्टेयर भूमि का भूदृश्यांकन किया गया है और दि.वि.प्रा द्वारा जिला पार्कों, शहरी वनों, जिला पार्कों और अन्य हरियाली क्षेत्रों के रूप में इसे विकसित किया गया है।
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  • दिल्ली में हरित आवरण 19 प्रतिशत है, जो भारत के अन्य महानगरों की तुलना में बहुत अधिक है। दि.वि.प्रा. ने भारत की राजधानी में व्यापक हरियाली प्रदान करके इसे संभव बनाने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
  • खेल सुविधाओं को नागरिकों तक पहुंचाते हुए, दि.वि.प्रा. ने 14 खेल परिसर विकसित किए हैं जिनमें शामिल हैं
  • एक मिनी खेल परिसर,
  • 26 सुव्यवस्थित खेल के मैदान और
  • पूरे शहर में सैकड़ों अन्य खेल के मैदान।
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  • शहर भर में दि.वि.प्रा. द्वारा बनाई गई खेल सुविधाओं का नेटवर्क, और दि.वि.प्रा. द्वारा प्रति वर्ष आयोजित विभिन्न खेल टूर्नामेंट, शहर में नवोदित खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने मे मदद करते हैं जो अंतरराष्ट्रीय खेलों में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
  • दि.वि.प्रा. के साढ़े चार दशकों के काम में अथॉरिटी ने दिल्ली की जनता के दिलों में अपनी एक अलग जगह बना ली है। यह दिल्ली के लोगों, सरकारी एजेंसियों, निजी क्षेत्र और समाज के हर वर्ग के नागरिकों का सहयोग ही है जिससे दि.वि.प्रा. ने अपने जनादेश को पूरा करने का प्रयास किया है।
  • जी हां, दि.वि.प्रा. सिर्फ घर ही नहीं बनाता, यह हर तरह से दिल्ली वालों के जीवन को छूता है।